Home खास खबर 90% आदिवासी आबादी पक्की सड़क को तरसी,पड़कीपाली 25 साल बाद भी टापू

90% आदिवासी आबादी पक्की सड़क को तरसी,पड़कीपाली 25 साल बाद भी टापू

नंदी नाले पर पुल नहीं होने से 141 से अधिक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, मरीजों को चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाने की मजबूरी

90% आदिवासी आबादी पक्की सड़क को तरसी,पड़कीपाली आज भी है टापू

महासमुंद: NH-353 से 3.5 KM दूर पड़कीपाली 25 साल बाद भी टापू है लगभग  90% आदिवासी आबादी पक्की सड़क और पुल के लिए तरस रही है। जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर खल्लारी विधानसभा के ग्राम पंचायत मरार कसहीबाहरा के आश्रित गांव पड़कीपाली में आजादी के 78 साल और छत्तीसगढ़ गठन के 25 साल बाद भी विकास नहीं पहुंचा है। NH-353 से महज 3.5 किमी दूर बसे 400 की आबादी वाले इस गांव में 90% आबादी आदिवासी है, लेकिन आज तक पक्की सड़क नहीं बनी।

नंदी नाले पर पुल नहीं, बरसात में कट जाता है संपर्क

गांव की सबसे बड़ी समस्या कमरौद और पड़कीपाली के बीच नंदी नाले पर पुल का न होना है। बरसात में नाला उफान पर आता है तो गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। पड़कीपाली टापू बन जाता है। गांव में 5वीं तक ही स्कूल है। 141 से अधिक बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए रोज जान जोखिम में डालकर नाला पार कर कमरौद जाना पड़ता है।

एम्बुलेंस नहीं पहुंचती, चारपाई पर मरीज

पक्की सड़क नहीं होने से 108, 102 और 112 जैसी आपातकालीन सेवाएं गांव तक नहीं पहुंचतीं। गंभीर मरीज को चारपाई पर 3 किलोमीटर ढोकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। राशन के लिए मरार कसहीबाहरा, धान बेचने चरौदा और वोट डालने ओकारबंद जाना पड़ता है।

90% आदिवासी आबादी पक्की सड़क को तरसी,पड़कीपाली आज भी है टापू

90% आदिवासी आबादी पक्की सड़क को तरसी,पड़कीपाली आज भी है टापू

घोषणा हुई, पत्थर भी नहीं लगा

ग्रामीणों ने बताया कि भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने सड़क-पुल की घोषणा की थी, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ।

युवाओं का “पड़कीपाली सड़क बनाओ” अभियान

नाराज युवाओं ने सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया है। पहले लकड़ी का अस्थायी पुल बनाया, 2015 में श्रमदान से 40 फीट का पुल बनाया, 2025 में स्वपेश्वरी वन दुर्गा वेलफेयर फाउंडेशन ने दुहानी नाले पर पुल बनवाया, लेकिन मुख्य नंदी नाले पर पुल आज भी सपना है। आंगनबाड़ी भवन भी जर्जर होकर दूसरे भवन में चल रहा है।

चेतावनी – सड़क नहीं तो चुनाव बहिष्कार

ग्रामीण भागवत ध्रुव, थानसिंग यादव, भुनेश निषाद, एवन ध्रुव ने चेतावनी दी है कि जल्द निर्माण नहीं हुआ तो आंदोलन और चुनाव बहिष्कार होगा। पिछले चुनाव में भी अधिकारियों के आश्वासन पर बहिष्कार टाला था।ग्रामीणों का कहना है कि 3.5 किमी सड़क सिर्फ सड़क नहीं, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा का सवाल है।

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