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सेवा संकल्प अभियान में मानवता का मिसाल कायम किया अधीक्षक दंपत्ति ने देहदान का लिया संकल्प

जिंदगी के बाद भी काम आएगी ये देह: आदिवासी विकास विभाग के अधीक्षक दंपत्ति ने लिया देहदान का ऐतिहासिक संकल्प

Superintendent couple sets an example of humanity through the 'Seva Sankalp Abhiyan'.

महासमुंद:- गांधी जयंती के अवसर पर तुमगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। आदिवासी विकास विभाग के अधीक्षक निलेश खांडे और उनकी धर्मपत्नी  चित्ररेखा तारक ने मरणोपरांत देहदान का ऐतिहासिक संकल्प लिया।रक्तदान, अंगदान और देहदान शिविर में इस दंपत्ति ने संकल्प पत्र भरकर समाज को बड़ा संदेश दिया है कि सेवा सिर्फ जीवन तक सीमित नहीं, जीवन के बाद भी की जा सकती है।

युवा अधिवक्ता शिवा मेडल व प्रतीक चिन्ह से हुए सम्मानित “सेवा संकल्प युवा सम्मान” कार्यक्रम में

क्यों महत्वपूर्ण है देहदान?

आमतौर पर मृत्यु के बाद देह को अग्नि को समर्पित कर दिया जाता है, लेकिन देहदान से चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा मिलती है।मेडिकल छात्रों को शरीर रचना (Anatomy) समझने के लिए मानव देह की जरूरत होती है, जो देहदान से ही पूरी होती है।एक दान की गई देह से प्रशिक्षित होकर एक डॉक्टर अपने जीवन में हजारों लोगों की जान बचाता है।

सेवा संकल्प अभियान में मानवता का मिसाल कायम किया अधीक्षक दंपत्ति ने

नई बीमारियों के शोध और सर्जरी तकनीकों में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।सेवा ही पहचान
निलेश खांडे और चित्ररेखा तारक छात्रावास के बच्चों के प्रति अपने स्नेह और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते हैं। यह दंपत्ति पहले ही नेत्रदान का संकल्प ले चुका है। जानकारी के अनुसार निलेश खांडे अब तक 47 बार और चित्ररेखा 6 बार रक्तदान कर चुके हैं।

ज्ञात हो कि  जिला में 2 से 8 अक्टूबर तक दान उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आर्ष गुरुकुल आश्रम परिसर में 3 लोगों ने देहदान को घोषणा कर मिशाल पेश की।

तीन व्यक्तियों ने देहदान का संकल्प लिया। इनमें महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक सुश्री शीला प्रधान, आदिवासी विभाग की अधीक्षक दंपति नीलेश खांडे एवं उनकी धर्म पत्नी चित्र रेखा तारक शामिल है

प्रशासन ने सराहा

कलेक्टर विनय लंगेह और आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त शिल्पा साय सहित पूरे प्रशासनिक अमले ने इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।निश्चित रूप से यह कदम प्रदेश में देहदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करेगा और लोगों को महादान के लिए प्रेरित करेगा।

 

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