खल्लारी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खल्लारी परिसर इन दिनों प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। परिसर में स्थित एक पेड़ पर दुर्लभ ‘दूधराज’ (एशियन पैराडाइज फ्लाईकैचर) पक्षी के जोड़े ने अपना घोंसला बनाया है, जहां उनके नन्हे बच्चे भी सुरक्षित रूप से पल रहे हैं। इस मनमोहक दृश्य को देखने के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों में उत्सुकता बनी हुई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट संजय साहू (आमाकोनी) ने बताया कि यह दुर्लभ पक्षी पिछले कुछ समय से परिसर में निवास कर रहा है। नर और मादा दोनों पक्षी मिलकर अपने बच्चों की देखभाल कर रहे हैं। पेड़ की शाखाओं पर तिनकों से बनाए गए घोंसले में उनके शावक सुरक्षित हैं और दोनों पक्षी बारी-बारी से भोजन जुटाकर उन्हें खिला रहे हैं। यह दृश्य हर किसी का मन मोह रहा है।
खल्लारी स्वास्थ्य केंद्र परिसर में दुर्लभ ‘दूधराज’ पक्षी ने बनाया आशियाना
नर दूधराज अपनी आकर्षक सफेद-काले रंग की चमकदार बनावट और लंबी पूंछ के कारण आसानी से पहचाना जाता है, जबकि मादा का रंग भूरा होता है। दोनों मिलकर बच्चों के पालन-पोषण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
प्राकृतिक वातावरण का संकेत
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, एशियन पैराडाइज फ्लाईकैचर, जिसे स्थानीय स्तर पर दूधराज या सुल्ताना बुलबुल भी कहा जाता है, अत्यंत सुंदर और शर्मीला पक्षी है। यह उड़ते हुए कीट-पतंगों का शिकार करता है और सामान्यतः घने जंगलों तथा प्रदूषण रहित शांत वातावरण में रहना पसंद करता है।
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खल्लारी जैसे व्यस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में इस पक्षी का घोंसला बनाना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि यहां का वातावरण प्राकृतिक रूप से संतुलित, सुरक्षित और वन्यजीवों के अनुकूल है। यह दुर्लभ दृश्य प्रकृति संरक्षण के महत्व का भी संदेश दे रहा है।
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