महासमुंद। पुलिस ने कार्यवाही करते हुए नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी महेन्द्र प्रधान को करोड़ों रुपये के धान घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर किसानों के हक की राशि में गबन करने का आरोप है। जिले में आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार और शासकीय संपत्तियों के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई के तहत की गई है ।
पुलिस जांच में सामने आया है कि धान उपार्जन केंद्र नरसैयापल्लम (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी) में 3,642.72 क्विंटल यानी 9,107 कट्टे मोटा धान कम पाया गया। समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना की राशि को मिलाकर इस धान की कुल कीमत 1 करोड़ 12 लाख 92 हजार 432 रुपये आंकी गई है, जिसका कथित रूप से गबन किया गया।
धान उपार्जन केंद्र जगदीशपुर में गबन का खुलासा, समिति प्रभारी पर एफआईआर
मामले की शुरुआत 29 मई 2026 को हुई, जब जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पिरदा के शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान ने थाना बसना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर 16 मई 2026 को प्रशासनिक जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट का परीक्षण किया गया, जिसमें धान की बड़ी मात्रा में कमी पाई गई।
नरसैयापल्लम धान खरीदी केंद्र में करोड़ों के गबन का खुलासा, प्रभारी गिरफ्तार
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना बसना में अपराध क्रमांक 287/2026 के तहत धारा 316(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने धान उपार्जन केंद्र प्रभारी महेन्द्र प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपने कृत्य को स्वीकार किए जाने तथा जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय से न्यायिक रिमांड मिलने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है तथा अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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