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शासकीय योजना के नाम पर महिलाओं से करोड़ों की ठगी, दो बैंक बीसी गिरफ्तार

दोनों आरोपी बैंक के बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) के रूप में कार्यरत थे और उन्होंने बैंकिंग आईडी का दुरुपयोग कर इस सुनियोजित ठगी को अंजाम दिया।

शासकीय योजना के नाम पर महिलाओं से करोड़ों की ठगी, दो गिरफ्तार

महासमुंद। शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने और मुफ्त कुकर देने का झांसा देकर महिलाओं के नाम पर फर्जी ऋण स्वीकृत कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को महासमुंद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी बैंक के बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) के रूप में कार्यरत थे और उन्होंने बैंकिंग आईडी का दुरुपयोग कर इस सुनियोजित ठगी को अंजाम दिया। मामले की जांच अभी जारी है।

पुलिस के अनुसार थाना बसना में दर्ज अपराध क्रमांक 137/2025 के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी लक्ष्मीचंद देवांगन और मनोहर जटवार को 1 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले महिलाओं से आधार कार्ड, बायोमेट्रिक और अन्य दस्तावेज एकत्र करने वाले मुख्य एजेंट सुदर्शन साहू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

प्रकरण की शुरुआत 1 अप्रैल 2025 को ग्राम पिरदा निवासी रजनी देवांगन की शिकायत से हुई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव की महिलाओं को सरकारी योजना का लाभ और मुफ्त कुकर दिलाने का प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड लिए गए। बायोमेट्रिक मशीन में “सिस्टम एरर” का बहाना बनाकर कई बार फिंगरप्रिंट लिए गए तथा मोबाइल पर आए ओटीपी का उपयोग कर उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर ऋण स्वीकृत करा लिया गया।

शासकीय योजना के नाम पर महिलाओं से करोड़ों की ठगी, दो गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि भारत फाइनेंस से ऋण की किश्त मांगने पर महिलाओं को पहली बार पता चला कि उनके नाम पर 50,450 रुपये और 58,000 रुपये तक के ऋण पहले ही जारी किए जा चुके हैं। पुलिस द्वारा बैंक अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इसी तरीके से ग्राम पिरदा की कुल 138 महिलाओं के नाम पर फर्जी ऋण स्वीकृत किए गए।

पुलिस का कहना है कि दोनों बीसी आरोपियों ने स्वयं महिलाओं से सीधे संपर्क नहीं किया, बल्कि अपनी बैंकिंग आईडी का उपयोग कर पूरे षड्यंत्र को पर्दे के पीछे से संचालित किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में बैंक कर्मचारियों अथवा अन्य व्यक्तियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) मशीन और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराधों और आम नागरिकों के साथ होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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