खल्लारी। 234 बच्चों का भविष्य चार शिक्षकों के भरोसे पर है व्यवस्थारत शिक्षकों की वापसी नहीं होने से पूर्व माध्यमिक शाला खल्लारी स्कूल में पालको की चिंता बढ़ी है । प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई विद्यालय अब भी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्थारत शिक्षकों को शीघ्र ही उनकी मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में भेजा जाएगा, लेकिन नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। जबकि विभाग द्वारा शाला प्रवेशोत्सव भी पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया जा चुका है और विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई शुरू हो चुकी है।
234 बच्चों पर चार शिक्षकों का भरोसा,पालको की चिंता बढ़ी
बागबाहरा विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खल्लारी की स्थिति इसका प्रमुख उदाहरण है। पिछले सत्र में यहां सात पद स्वीकृत थे, लेकिन शिक्षक छोटूराम निषाद को मोहगांव तथा शिक्षिका संतोषी नामदेव को पचेड़ा में व्यवस्थारत भेज दिया गया। वहीं प्रधान पाठक राधेश्याम निषाद के सेवानिवृत्त होने के बाद विद्यालय में वर्तमान में केवल दो शिक्षक और दो शिक्षिकाएं ही कार्यरत हैं। इनमें से शिक्षक शंकरलाल ध्रुव को प्रधान पाठक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे उन पर प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अतिरिक्त बोझ आ गया है।
विद्यालय में लगभग 234 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 110 छात्र और 124 छात्राएं शामिल हैं। इतनी बड़ी छात्र संख्या के बावजूद तीन शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युक्तियुक्तकरण के बाद ऐसी स्थिति बनने की संभावना कम थी, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थारत व्यवस्था जारी रहना चिंता का विषय है।
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स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बताया कि जून माह में ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दूरभाष के माध्यम से समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक शिक्षकों की वापसी नहीं हो सकी है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कलेक्टर को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर आंदोलन करने की भी चेतावनी दी गई है।





































