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नेत्रदान से दृष्टिहीनो के जीवन में होती है रोशनी,जिले में नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ी

स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि नेत्रदान मृत्यु के पश्चात किया जाता है। मृत्यु के 06 घंटे के भीतर नेत्र ज्योति का संग्रहण किया जा सकता है।

नेत्रदान से दृष्टिहीनो के जीवन में होती है रोशनी

महासमुंद :- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता लगातार बढ़ रही है। लोगों में यह समझ विकसित हो रही है कि मृत्यु के पश्चात नेत्रदान कर दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है।

जिले में 25 अगस्त से 08 सितंबर 2026 तक आयोजित नेत्रदान पखवाड़े के दौरान लोगों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी गई तथा नेत्रदान हेतु संकल्प पत्र भरने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में सरायपाली विकासखंड के ग्राम कोलतापारा, बलौदा निवासी सैरेन्दी स्वाइ/कविराज ने 03 सितंबर को नेत्रदान का घोषणा पत्र भरकर संकल्प लिया। इस अवसर पर सुदाम भोई एवं उनके पुत्र संगमलाल स्वाई उपस्थित रहे। वहीं 09 सितंबर को बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पचेड़ा निवासी  रामेश्वर सिंह दीवान/ बदलू सिंह दीवान ने जिला अस्पताल महासमुंद में संकल्प पत्र भरा। इस दौरान उनके उत्तराधिकारी मनहरण एवं राधेश्याम तथा मित्र सुखलाल साहू उपस्थित रहे।

जिले में हाल ही में दो व्यक्तियों द्वारा मृत्यु उपरांत नेत्र दान भी किया गया। जुलाई 2026 में क्लब पारा महासमुंद निवासी स्व. छोटालाल कोठारी तथा 18 अगस्त को ग्राम पीढ़ी, लहंगर निवासी स्व. उत्तरा बाई चंद्राकर द्वारा दान किया गया। इसकी सूचना उनके परिवार के सदस्यों द्वारा जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग को दी गई। इस कार्य में परिवार की सहमति और तत्परता की विशेष भूमिका रही।

नेत्रदान से दृष्टिहीनो के जीवन में होती है रोशनी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में नेत्ररोग विशेषज्ञ एवं अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गोरियार, सहायक अधिकारी अवधेश कुमार यादव, उमेश कुमार गोतमारे तथा जिले के विभिन्न प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि नेत्रदान मृत्यु के पश्चात किया जाता है। मृत्यु के 06 घंटे के भीतर नेत्र ज्योति का संग्रहण किया जा सकता है। इसके लिए मृत्यु की सूचना तत्काल जिला अस्पताल की नेत्र इकाई अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र को देना आवश्यक है। विभाग ने आमजन से नेत्रदान के लिए आगे आने और इस पुनीत एवं लोककल्याणकारी कार्य में सहभागी बनने की अपील की है।

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