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हरियाणा के गोदाम से 15 टन खैर लकड़ी बरामद,फर्जी बिलिंग नेटवर्क का आरोपी गिरफ्तार

खैर लकड़ी तस्करी सिंडिकेट पर महासमुंद पुलिस का बड़ा प्रहार, 1.70 करोड़ नकद जप्त 

हरियाणा के गोदाम से 15 टन खैर लकड़ी बरामद,फर्जी बिलिंग नेटवर्क का आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद।  हरियाणा के गोदाम से 15 टन लकड़ी बरामद किया गया है वही इस मामले में हिमाचल प्रदेश से फर्जी बिलिंग नेटवर्क का आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है अब तक 70 टन खैर लकड़ी जप्त किया गया है 

खैर लकड़ी की अवैध तस्करी, फर्जी बिलिंग और जाली ट्रांजिट पास के जरिए धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने कई राज्यों में कार्रवाई तेज कर दी है। ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर पुलिस ने अवैध खैर लकड़ी जप्त क्र चुकी है । कार्रवाई के दौरान तस्करी से अर्जित बताई गई 1 करोड़ 70 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है।

हरियाणा के गोदाम से 15 टन खैर लकड़ी बरामद,फर्जी बिलिंग नेटवर्क का आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा की शिकायत पर 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन में फर्जी एनओसी का इस्तेमाल करने के मामले में 9 जुलाई 2026 को थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था। प्रकरण में बीएनएस, आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत जांच की जा रही है। इससे पहले 7 सितंबर को आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार स्थित मकान से 81 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे।

हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में दबिश

जांच के दौरान पुलिस टीम ने हिमाचल प्रदेश में उन ठिकानों पर कार्रवाई की, जहां कथित तौर पर मनीष अग्रवाल और संजय छाबड़िया की खैर लकड़ी खपाने में मदद की जाती थी। इस दौरान 1.70 करोड़ रुपये की नकदी बरामद कर जब्त की गई।

वहीं, 10 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम जिले के ग्राम बहोड़ा कलां, तहसील पटौदी स्थित मनीष अग्रवाल की फर्म ‘श्री बालाजी ट्रेडिंग’ के गोदाम में तलाशी ली गई। यहां से करीब 15 टन खैर लकड़ी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

फर्जी बिलिंग नेटवर्क का संचालक गिरफ्तार

इसी मामले में पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कालाअंब से ‘शिव ट्रेडर्स’ के संचालक सतपाल सिंह (67) को गिरफ्तार किया। उसे स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद महासमुंद लाया गया है और न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

खैर लकड़ी के फर्जी एनओसी मामले में 81 लाख नकद बरामद

पुलिस की जांच के मुताबिक, सतपाल सिंह ने कथित तौर पर अखिलेश सिंघल, पारितोष मिश्रा, मनीष अग्रवाल, संजय छाबड़िया और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी बिलिंग का नेटवर्क चलाया। आरोप है कि वास्तविक खैर लकड़ी की आपूर्ति के बिना शेल फर्मों से बिल तैयार किए जाते थे। इन बिलों को वैध दिखाने के लिए वन विभाग के फर्जी ट्रांजिट पास और एचएसएन कोड का दुरुपयोग किया गया। बैंक खातों की जांच में पिछले तीन वर्षों के दौरान फर्जी बिलों के भुगतान के लिए करोड़ों रुपये के लेन-देन के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।

अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी

इस मामले में पहले पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब जब्त नकदी और संपत्ति की कुर्की सहित अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ को आरोपियों से वापस लेने की वैधानिक प्रक्रिया कर रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों, लकड़ी के स्रोत, फर्जी दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है।

“महासमुंद से महतारा वार्ता की रिपोर्ट”
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