खल्लारी/ जिले के प्रमुख सिंचाई परियोजना कोडार जलाशय के पूरी तरह भर जाने से डूबान क्षेत्र में आने वाले किसानों की परेशानी बढ़ गई है। बांध के अंतिम छोर पर बसे ग्राम सिंघी (सोरम) के खेतों में जलभराव होने से खरीफ की धान फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों ने फसल क्षति का उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर महासमुंद कलेक्टर को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है।
किसानों ने बताया कि कोडार जलाशय का पानी ग्राम सिंघी (सोरम), पटवारी हल्का नंबर-3, राजस्व निरीक्षक मंडल क्षेत्र के कई खेतों में भर गया है। अधिकांश प्रभावित खेत लगानी भूमि हैं, जिनमें धान की फसल लगी हुई थी। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने के कारण धान के पौधे गलकर नष्ट हो गए हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ खेती के लिए लिए गए कर्ज को चुकाने की चिंता भी सताने लगी है।

कोडार जलाशय के डूबान से 50 एकड़ तक धान की फसल बर्बाद
ग्रामीणों के अनुसार करीब 20 से 22 छोटे-बड़े किसानों की लगभग 40 से 50 एकड़ कृषि भूमि में लगी धान की फसल पूरी तरह खराब हो गई है। किसानों का कहना है कि फसल बर्बाद होने से इस खरीफ सीजन में उनकी पूरी मेहनत और लागत डूब गई है। ऐसे में शासन से शीघ्र आर्थिक सहायता और क्षतिपूर्ति मिलना जरूरी है।
फसल नुकसान को लेकर नीलकंठ नामदेव, राजकुमारी साहू, दीनबंधु साहू, टोमेश्वर साहू, सुरेश साहू, मन्नुराम, महेश साहू, राधेश्याम साहू, डेमेश साहू, अशोक साहू, गीताराम साहू, कुसुराम साहू, दानेश्वर साहू, गंगाराम साहू, थलेश साहू और पिंटु साहू सहित डूबान क्षेत्र के अन्य किसानों ने संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित खेतों का मौके पर सर्वे कराया जाए और वास्तविक फसल क्षति का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। किसानों का कहना है कि जलाशय के डूबान से हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए शासन को जल्द राहत की कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिल सके।
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