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छग की संस्कृति से जुड़े खेलों के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया संसदीय सचिव विनोद ने

पिछले कुछ वर्षों में इन खेलों को लोग भूलते जा रहे थे। खेलों को आने वाली पीढ़ी से अवगत कराने के लिए,,,

छग की संस्कृति से जुड़े खेलों के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया संसदीय सचिव विनोद ने

Mahasamund:-संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर Vinod Chandrakr ने भौरा, बांटी व गिल्ली डंडा में अपना हाथ आजमाते हुए छग की संस्कृति से जुड़े खेलों के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

आज गुरूवार को स्थानीय मिनी स्टेडियम में छतीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर, विशेष अतिथि के रूप में पार्षद महेंद्र जैन, मनीष शर्मा, जनपद सदस्य आरीन चंद्राकर, व्यंकटेश चंद्राकर, गोपाल वर्मा, महेंद्र सिका, रेखराज पटेल मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का शुभांरभ करते हुए संसदीय सचिव चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने और लोगों में खेल के प्रति जागरूकता लाने के लिए किए गए इस आयोजन से ग्रामीण अंचलों का खेल अब गांवों से निकलकर शहरों तक पहुंचेगा।

इसकी शुरुआत राजीव युवा मितान क्लब Rajiv Yuva Mitan Club स्तर से हो रही है। इसके बाद जोन स्तर, फिर विकासखंड, नगरीय क्लस्टर स्तर, जिला, संभाग और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों का विशेष महत्व है।

पिछले कुछ वर्षों में इन खेलों को लोग भूलते जा रहे थे। खेलों को आने वाली पीढ़ी से अवगत कराने के लिए छत्तीसगढ़ियां ओलंपिक खेलों की शुरूआत की गई है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई भी दी। कार्यक्रम का संचालन तारिणी चंद्राकर ने किया।

कबड्डी खिलाड़ियों को मेट की सौगात

ग्राम पंचायत सोरिद के कबड्डी खिलाड़ी अब अपनी प्रेक्टिस मेट से कर सकेंगे। संसदीय सचिव की पहल पर खिलाड़ियों को मेट प्रदान किया गया है। आज गुरूवार को छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के शुभांरभ अवसर पर ससंदीय सचिव  चंद्राकर ने खेलों के खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन कर गांव व क्षेत्र का नाम रोशन करने का आव्हान किया।

इस दौरान प्रमुख रूप से जनपद सदस्य आरीन चंद्राकर, व्यंकटेश चंद्राकर, रेखराज पटेल, सरपंच सेवती बाई ध्रुव, प्रह्लाद ध्रुव पूर्व सरपंच, ईश्वर प्रसाद ध्रुव, रोमपाल चंद्राकर, दामिनी ध्रुव, कृष्ण ध्रुव, भोलेनाथ गंधर्व, सियाराम विश्वकर्मा, सोमनाथ यादव, नरेश ध्रुव, फगुवा ध्रुव, नीलकंठ ध्रुव, संजय साहू, चुन्नीलाल ध्रुव, सुखदेव ध्रुव, तुलाराम चंद्राकर आदि मौजूद थे।

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