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लंबे इंतजार के बाद दीपावली में फिर लौटेगी मायूस व्यापारियों के चेहरों पर रौनक- CAIT

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रायपुर-कुणाल राठी

रायपुर- कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोषी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि कोविड -19 के चलते मंदी की मार झेल रहे देश भर के बाजारो को इस दीवाली से काफी उम्मीदें है।

एक तरफ जहां पिछले कई महीनों से घर मे कैद आम जनता को लंबे समय के बाद किसी बड़े त्योहार में खुल के खरीदारी करने का अवसर मिलेगा तो वही उपभोक्ता के द्वारा खर्च बढ़ाने के लिए सरकार की नई एलटीसी कैश वाउचर योजना के चलते गिरते बाजार को मजबूती मिलेगी। इससे पिछले कई महीनों से निराश बैठे और नुकसान उठा रहे व्यापारियों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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लोगों द्वारा पिछले सात महीनों में की गई बचत, केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में सरकारी कर्मचारियों को एलटीसी को नकद में बदलने का आदेश और व्यापारियों द्वारा चीन से दिवाली त्यौहार सीजन पर प्रतिवर्ष होने वाली खरीद का सारा पैसा देश में ही खर्च करने के चलते आगामी 31 मार्च 2021 तक देश के बाजारों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की सम्भावना है जिसको लेकर देश भर के व्यापारी उत्साहित हैं।

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कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी का मानना है कि इस दीवाली से देश भर के बाजार और व्यापारियों को काफी आशाएँ है। कोरोना के चलते बाजार और व्यापार पूरी तरह से बंद पड़े थे, और लॉक डाउन खुलने के बाद से अब तक व्यापार में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है पर देश भर में व्यापार अभी तक पटरी पर नही लौट पाया है। पर इस दीवाली फेस्टिवल सीजन से बाजार में फुटफॉल और खरीदारी बढ़ने की पूरी संभावना है।

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चीन के साथ खराब होते भारत के रिश्ते का असर भारत -चीन व्यापार पर पूरी तरह से पड़ता दिख रहा है। कैट ने गत 10 जून को चीनी सामान के बहिष्कार की एक मुहीम देश भर में शुरू की थी जिसका व्यापक समर्थन और असर देश भर में दिखाई दे रहा है। हर साल राखी से लेकर दीवाली तक चलने वाले फेस्टिवल सीजन में इन त्योहारो से जुड़े सामानों का तकरीबन 40 हजार करोड़ का आयात चीन भारत मे करता है। पर इस बार चीन को लेकर भारतीय उपभोक्ता की सोच पूरी तरह बदल गई है। जिसकी बानगी हाल ही में गुजरे रक्षाबंधन और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारो में देखने को मिली है।

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चीन को राखी पर करीब 5000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा तो वही गणेश चतुर्थी में 500 करोड़ की चपत खानी पड़ी। व्यापारियों ने जहाँ एक तरफ इन त्योहारो में चीनी सामानों को बेचने का पूरी तरह बहिष्कार किया तो वही लोगो ने भी चीनी सामानों की खरीदारी करने इस इनकार किया। इस ट्रेंड और लोगों में भारतीय सामानों को लेकर बढ़ते क्रेज को देखते हुए इसका आसान अनुमान लगाया जा सकता है कि इस दीवाली पर चीन को 40 हजार करोड़ का झटका लगने वाला है। जिसकी पूर्ति हमारा देसी बाजार करेगा।

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