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शिव का अर्थ ही कल्याणकारी है, जो सदैव कल्याण करते है-पं. कमलेश प्रसाद दुबे

शिव लिंग की महिमा, भगवान शिव का योगेश्वर स्वरूप का भक्तिपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया।

शिव का अर्थ ही कल्याणकारी है, जो सदैव कल्याण करते है-पं. दुबे

महासमुंद। शिव का अर्थ ही कल्याणकारी है, जो सदैव कल्याण करते है, वही शिव है। नगर के ईमलीभांठा में आयोजित शिव महापुराण कथा में पं. कमलेश प्रसाद दुबे कांपा वाले ने आगे महाशिवरात्रि की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि इसी दिन भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए यह रात्रि भगवान शिव को अतिप्रिय है।

इस रात्रि का पूजन जागरण करने से सूक्ष्म जगत के ऊर्जा प्रवाहों से सहज ही भक्तों का संपर्क होता है और वे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव एक लोटे जल व विल्व पत्र के अर्पण से ही प्रसन्न हो जाते हैं। शिव पूजन सिर्फ मनोकामनाएं पूर्ति के लिए बल्कि मन को स्वच्छ व प्रसन्न करने के लिए किया जाना चाहिए।

शिव का अर्थ ही कल्याणकारी है, जो सदैव कल्याण करते है-पं. दुबे

जिस तरह हम भगवान शिव का जल, दूग्ध आिद पवित्र द्रव्यों से अभिषेक करते हैं, उसी तरह हम भी अपने मन को निरंतर निर्मल करते रहें। पं. दुबे द्वारा इस अवसर पर शिव लिंग की महिमा, भगवान शिव का योगेश्वर स्वरूप का भक्तिपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया।

भव्य संगीत मय कथा श्रवण के लिए महासमुदं शहर सहित दूर-दूर से श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। पूरा इमलीभाठा शिवमय हो गया हे। मुख्य आयोजनकर्ता संध्या गीता साहू द्वारा शिवमहापुराण कथा अपने पूर्वजों को समर्पित किया जा रहा है। इस भक्तिमय आयोजन में  किरण, ममता, कल्पा, गरिमा, ध्रुवराम, शोभाराम, गोवर्धन लाल, रामेश्वरी, महेंद्र प्रताप, सुनिता, बसंत कुमार, पूर्णिमा, मीनाक्षी, सोनाली, सुहानी, गाैरव, खुशहाल, दित्या एवं विजय चंद्राकर, आदि का योगदान प्रमुख है।

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