Home छत्तीसगढ़ महंगाई के नाम पर कभी नौटंकी करती थी मोदी मंडली, पर अभी...

महंगाई के नाम पर कभी नौटंकी करती थी मोदी मंडली, पर अभी चुप क्यों ?- वंदना

चुनाव में वादा करते है आय बढायेगें और चुनाव के बाद महंगाई बढ़ा देते है

एमके शुक्ला-रायपुर- बेलगाम महंगाई पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि महंगाई पर आज चुप मोदी मंडली कभी नौटंकी करती थी..। यूपीए सरकार के समय एलपीजी के दाम 300 रुपये के आसपास रहे और 10-11 रुपये बढ़ने पर भी केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत सभी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को गुस्सा आता था, आज एलपीजी 900 रुपये के आसपास है।

महंगाई डायन के रूप विकराल होता जा रहा है, लेकिन भाजपा नेताओं को गुस्सा आने की जगह अब शायद दिल मे ठंडक महसूस होती है। खाने के तेल में लगी है आग। आज हर वर्ग परेशान है, कोरोना महामारी से यदि वह बच जाता है तो महंगाई के मार से मर रहा है प्रतिदिन महंगाई की आग से आम जनता जल रही है।

36गढ़ के मुखिया ने बच्चों के सपने को टुटने, बिखरने से बचा लिया-प्रवक्ता वंदना

महंगाई के नाम पर कभी नौटंकी करती थी मोदी मंडली, पर अभी चुप क्यों ?- वंदना
sanketik fail foto

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बेलगाम महंगाई नजर नहीं आता, बेरोजगारी नजर नहीं आता महंगाई ने देश में हाहाकार मचा रखा है जिसे ना प्रधानमंत्री, ना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह को, ना सरोज पांडे को भारतीय जनता पार्टी के किसी भी नेता को दिखाई नहीं दे रहा है। लगातार बढ़ती हुई महंगाई पर नेताओं के मौन रहने को,आम जनता चुपचाप देख रही है आने वाले समय में यह महंगाई भाजपा को भारी पड़ेगी।

कोरोना के प्रकोप से परेशान जनता को बढ़ती महंगाई ज्यादा सता रही है। कोरोना के चलते लोगों के काम ठप हो गया बढ़ती महंगाई ने आग में घी डालने का काम किया है खाद्य तेल के दामों में भी आग लगा हुआ है  महंगाई के कारण महिलाओं का घरेलु बजट गड़बड़ हो गया है।

महंगाई को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन व् साधा निशाना

महंगाई के नाम पर कभी नौटंकी करती थी मोदी मंडली, पर अभी चुप क्यों ?- वंदना
sanketik fail foto

मोदी जी को 100 दिन मे महंगाई कम करने का संकल्प याद दिलाते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सत्ता का बागडोर 7 साल से आपके हाथ में है सात वर्षों में महंगाई को नियंत्रण करने में बीजेपी सरकार असफल रही, बल्कि हर दैनिक जीवन के आवश्यक वस्तुओं के दाम दुगुने, ढाई गुने हो गये है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों मे कमी होने के बावजूद देश में शतक से अधिक प्रति लीटर पेट्रोल लेने में जनता विवश है।

12 वर्षीय अकुल शर्मा इंडिया बुक आफ रिकार्ड होल्डर व् प्रशिक्षकों का किया सम्मान

डीजल के दाम भी आसमान छू रहे है। एक समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों मे अंतर काफी रहता था, लेकिन आज ये हालत है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर बहुत कम हो गया है। महामारी के मार पेट्रोल-डीजल शतक के पार। पेट्रोलियम एवं खाद्य पदार्थों के बढ़ती महंगाई को रोकने के लिये केन्द्र सरकार के पास कोई भी नीति नहीं है। जिसके चलते महंगाई आसमान छू रही है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

 

Translate »