महासमुंद। जिले के कई गांवों में कावेरी बीज कंपनी ने किसानों के खेत लीज पर लेकर बीज उत्पादन कराया था, लेकिन अब तक 32 किसानों को उनकी जमीन की लीज राशि का भुगतान नहीं किया गया है। करीब 1 करोड़ 6 लाख 72 हजार रुपये बकाया होने की शिकायत किसानों ने कलेक्टर महासमुंद से की है। इस संबंध में 29 अगस्त को कलेक्टर को पत्र देकर भुगतान की मांग की गई है।
पत्रकार वार्ता में जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चन्द्राकर, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के महासचिव तेजराम विद्रोही सहित पीड़ित किसान प्रवीण चन्द्राकर, केशव पाल, कृष्ण कुमार चन्द्राकर ने जानकारी दी कि पिछले वर्षों में कंपनी समय पर राशि चुकाती रही है, मगर इस बार किसानों को बार-बार तारीख देने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं हुआ।
कावेरी बीज कंपनी ने किसानो का भुगतान लटकाया,कलेक्टर से लगाई गुहार
कावेरी बीज कंपनी का पंजीकृत कार्यालय सिकंदराबाद (तेलंगाना) स्थित है, जहां से क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार रेड्डी के निर्देशन में ऑर्गेनाइजर परमानंद साहू (ग्राम पीपरछेड़ी, धमतरी) के माध्यम से किसानों के खेत लीज पर लिए गए थे। खेतों की देखरेख के लिए विभिन्न गांवों से कई मुंशी नियुक्त किए गए थे। इनकी मौजूदगी में बीज का उत्पादन पूरा कर बीज कंपनी को सौंप भी दिया गया, फिर भी किसानों को भुगतान नहीं हुआ है।
किसानों का कहना है कि कंपनी ने जिले में लगभग 4 हजार एकड़ भूमि पर बीज उत्पादन कराया है। कुछ किसानों को रकम दे दी गई है, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों का भुगतान लंबित है। कंपनी की ओर से बकाया राशि चुकाने के विषय में स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही, जिससे किसान आर्थिक संकट और परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
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