Mahasamund:-सिकासेर के व्यर्थ, बहते पानी से छुरा,बागबाहरा महासमुंद पिथौरा ब्लाक को अकाल से मुक्ति मिल सकती है इस परियोजना के सूत्राधार एवं आंदोलन के नेतृत्व करता हितेश चंद्राकर एवं जनपद अध्यक्ष इस्मिता चंद्राकर ने लगातार सूखा व अकाल से जूझ रहे, किसानों को सिंचाई की समस्या से निजात दिलाने के लिए खलारी तथा महासमुंद क्षेत्र के गांव गांव में जाकर सिंचाई योजना के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सिकासेर जलाश में जल भराव क्षमता 200 मिलियन घन मीटर है वहीं इस जगह से से प्रति 24 घंटे में 3960 मिलियन घन मीटर पानी को बहा दिया जाता है सिंचाई विभाग जून माह से ही जलाशय से पानी छोड़कर जलाशय को खाली करना पड़ता है क्योंकि यहां पानी का आवक अधिक होता है।
बेवजह बहता है जलाशय का पानी
भाजपा नेता हितेश चंद्राकर ने बताया कि सिकासेर जलाशय से जो अतिरिक्त पानी बेवजह नदी में बहा दिया जाता है प्रस्तावित अपर सिकासेर जलाशय बनने की स्थिति में नहर के लिए सेटेलाइट से जो सर्वे हुआ है उसमे यदि मात्र नहर निर्माण करा दिया जाए तो उसे व्यर्थ बहते पानी को जलाशय के बाई तरफ से पूरा ब्लॉक के पीपर छेड़ी होते हुए बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम टेका में प्रवेश होगा यहां से खल्लारी एवं महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के शत-प्रतिशत और बसना विधानसभा के हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई से जोड़ा जा सकता है।
समुद्र तल से इन क्षेत्र की ऊंचाई
सिकासेर जलाशय का समुद्र तल से ऊंचाई 39 3.13 मीटर बागबाहरा रेलवे स्टेशन 361 सरोदा बांध की ऊंचाई 340 मीटर कोटा जिला से की ऊंचाई 280 मीटर है सिकासेर जलाशय से बागबाहरा ब्लॉक एवं महासमुंद ब्लॉक काफी नीचे होने के कारण आसानी से पानी पहुंचेगा प्रत्येक वर्ष सिकासेर जलाशय के क्षमता के अनुरूप 20 गुना अधिक पानी को पैरी नदी में बहा दिया जाता है व्यर्थ बहते पानी से 14 लाख ।हेक्टेयर रकबा का सिंचाई किया जा सकता है अगर यह पानी को नहर निर्माण कर लाया जाए तो बागबाहरा महासमुंद पिथौरा ब्लाक के एक-एक खेतों में पानी पहुंचाया जा सकता है।
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सिंचाई के अभाव में महाकाल के चलते बागबाहरा ब्लॉक से हर साल 27000 से अधिक परिवार पलायन कर यूपी के 8 वर्षों में काम करने जाते हैं अगर यह विकल्प नहीं होता तो क्षेत्र में लूट और डकैती यह नसीबो पदार्थ की तस्करी की मुख्य व्यवसाय होता वर्तमान सरकार में ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा गरवा घुरवा बाड़ी है जिसमें नरवा का संसाधन कर वाटर लेवल बढ़ाने की योजना है ।
क्षेत्र का बढ़ेगा वाटर लेवल
भाजपा नेता हितेश चंद्राकर का कहना है कि हम जिले के सभी किसानों का सरकार से कहना है कि सिकासेर जलाशय से अतिरिक्त पानी को नहर के माध्यम से पूरा महासमुंद,बागबाहरा एवं बसना के क्षेत्र के लाखों हेक्तेयर खेत तक पहुंचा दिया जाए तो क्षेत्र मे वाटर लेवल भी बढ़ेगा और छोटे-बड़े नदी नाला रिचार्ज भी होगा।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के साथ पूरे प्रदेश की राजनीति किसानों के ऊपर टिकी हुई है किसानों को लुभाने एवं सत्ता प्राप्ति के लिए चुनाव में अनेक लुभावने वादे किए जाते हैं धान के मूल्य पर अनेक को घोषणा की जा रही है लेकिन खेतों में पानी पहुंचाने के लिए सरकारे उदासीन है । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के भेंट मुलाकात में आशा थी कि सिंचाई योजना के लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ ।
नहर निर्माण के लिए सरकार से मांग
किसानों को ग्राम वार संगठित होकर इस क्षेत्र में सिंचाई के लिए खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए अपनी ताकत दिखाना होगा इसके लिए प्रत्येक गांव में किसानों को संगठित करने ग्राम वार बैठक कर इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दिया जाएगा । जन आंदोलन खड़ा कर क्षेत्र की एकमात्र समस्या सिंचाई और इसका समाधान सिकासेर के अतिरिक्त पानी को लाने नहर निर्माण कराने सरकार से मांग किया जाएगा।
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