Home खास खबर धान उपार्जन केंद्र जगदीशपुर में गबन का खुलासा, समिति प्रभारी पर एफआईआर

धान उपार्जन केंद्र जगदीशपुर में गबन का खुलासा, समिति प्रभारी पर एफआईआर

ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार समिति में अब तक 58,556.40 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी, जिसमें से 44,430 क्विंटल का उठाव हो चुका था। स्टॉक में 35,316 पैकेट होना बताया गया, लेकिन मौके पर केवल 34,666 पैकेट ही पाए गए।

धान उपार्जन केंद्र जगदीशपुर में गबन का खुलासा, समिति प्रभारी पर F.I.R.

महासमुंद। धान उपार्जन केंद्र जगदीशपुर में समिति प्रभारी कुशाग्र प्रधान द्वारा 650 पैकेट धान (260 क्विंटल) के गबन का मामला सामने आया है। गबन की गई राशि में समर्थन मूल्य के 6,15,940 रुपये तथा कृषक उन्नति योजना के 1,90,060 रुपये शामिल हैं। कुल राशि 8,06,000 रुपये पाई गई, जिस पर 23 जनवरी को बसना थाना में अपराध धारा 316(5) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

जानकारी के अनुसार 21 जनवरी 2026 को एसडीएम पिथौरा बजरंग वर्मा द्वारा धान उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन किया गया। ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार समिति में अब तक 58,556.40 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी, जिसमें से 44,430 क्विंटल का उठाव हो चुका था। स्टॉक में 35,316 पैकेट होना बताया गया, लेकिन मौके पर केवल 34,666 पैकेट ही पाए गए।

इस तरह 650 पैकेट धान की कमी उजागर हुई, जिससे संस्था और शासन को आर्थिक क्षति पहुंची। इसे जानबूझकर की गई अनियमितता मानते हुए समिति प्रभारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

धान उपार्जन केंद्र जगदीशपुर में गबन का खुलासा, समिति प्रभारी पर F.I.R.

कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कियाकलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया

महासमुंद:- जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने धान खरीदी केंद्र तेन्दूकोना (बागबाहरा) और कुरचुंडी (बसना) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उठाव की स्थिति, दैनिक खरीदी लक्ष्य और लंबित किसानों की जानकारी ली गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों व समिति प्रबंधकों को निर्देश दिए कि शेष किसानों को प्राथमिकता देते

हुए धान खरीदी कार्य तेजी और पारदर्शिता से पूरा करें। ऑनलाइन एंट्री उसी दिन करने,

भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या

अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने किसानों से

संवाद कर उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।

उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 182 उपार्जन केंद्रों के

माध्यम से 23 जनवरी तक 8.53 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है।

अब तक 1.33 लाख से अधिक किसान धान विक्रय कर चुके हैं,

जो पंजीकृत किसानों का लगभग 84 प्रतिशत है।