दवा-उपकरण खरीदी छोड़ दीगर गतिविधियों में फूंक दिए करोड़ों रूपए,मामला विस में उठा

महासमुंद– राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत मिली राशि में दवा-उपकरण की खरीदी न करके दूसरे गतिविधियों में करोड़ों रूपए खर्च कर दिए गए। विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने विधानसभा में खरीदी का मामला उठाया। जिस पर मंत्री टीएस सिंहदेव ने मामले की जांच कराने की बात कही विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक विनोद चंद्राकर ने महासमुंद जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत मिली राशि में दवा-उपकरण की खरीदी का मामला उठाया। जिस पर मंत्री  सिंहदेव ने जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2017-18 में 2726.96 लाख रूपए, वर्ष 2018-19 में 4036.37 लाख रूपए तथा दिसंबर 2019 तक 3858.57 लाख रूपए प्राप्त हुई है।
वर्ष 2017-18 में मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम में मात्र 98 हजार रूपए की दवाईयां खरीदी गई, जबकि दूसरे गतिविधियों में 317.29 लाख रूपए खर्च की गई। इसी तरह शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम में 32 लाख 85 हजार, परिवार नियोजन कार्यक्रम में 112.89 लाख रूपए, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम में दो लाख 16 हजार रूपए, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में 43.27 लाख, मितानीन कार्यक्रम में 491.33 लाख, योजना क्रियान्वयन कार्यक्रम में 22.17 लाख, एकीकृत रोग नियंत्रण कार्यक्रम में 5 लाख 58 हजार, राष्ट्रीय मेलरिया नियंत्रण कार्यक्रम में 24 लाख 15 हजार, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में 16 लाख 67 हजार खर्च किए गए.
क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में 72 लाख 61 हजार, शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम में 50 लाख 12 हजार, गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम में 21 लाख 37 हजार, वर्ष 2018-19 में मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम में 237.83 लाख, शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम में 28 लाख 61 हजार, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में 44 लाख 18 हजार, फ्लोरोसिस नियंत्रण कार्यक्रम में 2 लाख 37 हजार, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम में 18 लाख तीन हजार, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में 35 लाख 54 हजार, क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में 50 लाख 44 हजार, अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम में 16 लाख 18 हजार, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में 16 लाख आठ हजार, खर्च किए गए.
गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम में 15 लाख 74 हजार रूपए तथा वर्ष 2019-20 में मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम में 195.86 लाख, शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम में 28.57 लाख, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम में 40.27 लाख, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में 40.27 लाख, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में 35.38 लाख, फ्लोरोसिस नियंत्रण कार्यक्रम में तीन लाख 17 हजार, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम में छह लाख 37 हजार, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में 31.88 लाख, क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में 31 लाख 76 हजार व गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम में 12 लाख पांच हजार रूपए की राशि दूसरी गतिविधियों में खर्च की गई है। व्यय राशि व कार्यों के संबंध में एक शिकायत मिली है। जांच में जो भी बिंदु मिलेंगे उसके हिसाब से भी कार्रवाई होगी। 

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