महासमुंद :-छत्तीसगढ़ प्रदेश में धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने रायपुर–महासमुंद राष्ट्रीय राजमार्ग पर रसनी टोल प्लाजा के समीप आरंग में चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान सड़क पर उतर आए और शासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं पारसनाथ साहू, राधेश्याम शर्मा, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, महासमुंद जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, गरियाबंद जिला महासचिव योगेंद्र कुमार साहू, भूनूराम साहू, कृष्ण कुमार चंद्राकर, प्रवीण कुमार चंद्राकर एवं गोविंद चंद्राकर ने संयुक्त रूप से कहा कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन वर्ष 2025-26 में तकनीकी और प्रशासनिक खामियों के चलते प्रत्येक तहसील के सैकड़ों किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं।
धान की भारी कमी मिलने पर सरायपाली की बालोदिया राइस मिल सील, प्रशासन की सख्त कार्रवाई
नेताओं ने बताया कि एग्री स्टैक पोर्टल, समिति मॉड्यूल और तहसील मॉड्यूल में पंजीयन होने के बावजूद कई किसानों का रकबा सिस्टम में प्रदर्शित नहीं हुआ। वहीं ट्रस्ट भूमि तथा रेहगहा/अधिया पर खेती करने वाले किसानों का पंजीयन ही नहीं हो सका। इसके अतिरिक्त सर्वर की समस्याओं और तकनीकी त्रुटियों के कारण अनेक किसानों के टोकन जारी नहीं हो पाए, जिससे वे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से वंचित रह गए।
धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग पर किसानों का चक्का जाम
उन्होंने कहा कि इस स्थिति से हर तहसील में सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं, जिससे उन्हें मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया, तो किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि धान विक्रय से वंचित किसानों का पुनः पंजीयन कराया जाए तथा धान खरीदी की अवधि बढ़ाई जाए, ताकि सभी पात्र किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेच सकें।
हमसे जुड़े :-
आपके लिए /छत्तीसगढ़
watsApp https:FLvSyB0oXmBFwtfzuJl5gU
Twitter:https:DNS11502659




































