महासमुन्द। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के तत्वावधान में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग लंबे अर्से से की जा रही है। पत्रकार सुरक्षा कानून का ड्राफ्ट भी बनकर तैयार है। जिसे लागू करने विधानसभा पटल पर रखने में उदासीनता बरती जा रही। इससे पत्रकारों में रोष व्याप्त है। घोषणा पत्र के अनुसार अविलम्ब पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की जा रही है। इसी परिपेक्ष्य में प्रेस क्लब महासमुन्द के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने आज राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
सौंपे गए ज्ञापन में लेख है कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग वर्षों से की जा रही है। भूपेश बघेल की सरकार ने इसे आगे बढ़ाते हुए घोषणा पत्र में प्रमुखता से शामिल किया। यह सर्वविदित है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसके लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में समिति का गठन कर किया गया था।
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समिति द्वारा ड्राफ्ट तैयार कर शासन को सौंप दिया गया है। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। इस बीच विधानसभा के एकाधिक सत्र संपन्न हो गया। सरकार के तीन साल भी पूरे होने जा रहा है। लेकिन घोषणा पत्र के इस महत्वपूर्ण विषय पर संकल्प पारित नहीं किया जा सका है।
सरकार से आग्रह किया गया है कि पत्रकार सुरक्षा कानून के ड्राफ्ट को अविलंब
विधानसभा में (13 दिसम्बर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र में) प्रस्तुत कराने समुचित पहल करेंगे।
और इसे कानूनी रूप देने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वाले पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष आनंदराम साहू,
उपाध्यक्ष संजय महंती, महासचिव रविन्द्र विदानी, कोषाध्यक्ष देवीचंद राठी और
संगठन-प्रचार मंत्री प्रभात महंती शामिल थे।
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