महासमुंद-पूर्व जनपद सदस्य एवम सांसद प्रतिनिधि पर्यटन कॉरिडोर समिति के अध्यक्ष योगेश्वर चंद्राकर ने जारी बयान में कहा है कि राज्य सरकार अंतराष्ट्रीय स्मारक लक्ष्मण मंदिर ,के देखरेख में कोताही बरत रही है। वही देखरेख के अभाव में एतिहासिक पुरात्वत धरोहर ईंटो से निर्मित, लक्ष्मण मंदिर के दीवालों और गुम्बज में बरगद और पीपल के पेड़ उग गए है। और काफी बड़े हो गए है जिससे दीवार और मंदिर के टूटने ,का खतरा मंडरा रहा है।
19 दिसंबर से सिरपुर के गार्डनो एवम मंदिर की सफाई व्यवस्था एवम कार्यो में लगे दैनिक वेतन भोगियों को कार्यों से निकाले जाने को लेकर आंदोलन कर्मियों को समर्थन देने पहुंचे पूर्व जनपद सदस्य योगेश्वर चंद्राकर ने आगे कहा कि दूसरी ओर सिरपुर मार्ग ,रेत माफियों और दैत्याकार ओवर लोड वाहनों की भेंट चढ़कर जर्जर होने लगे है। जिससे न केवर प्रदेश बल्कि, देश और अंतराष्ट्रीय स्तर पर सिरपुर की क्षवि धूमिल हो रही है। जिस पर शासन-प्रसाशन का ध्यान नही है, न जनप्रतिनिधियों का है।

जिस विभिन्न विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगियो चाहे वो वन विभाग,बिजली,पीएचई,पीडब्लूडी या भी संस्कृति विभाग के कर्मचरियों को नियमित करने की बात करके सत्ताशीन हुई कांग्रेस की मौका परस्त सरकार, नियमितीकरण के स्थान पर उनकी छटनी के नाम पर, निकालने का कार्य कर रही है ।
आंदोलनरत कई कर्मचारी तो ऐसे है जो पिछले 14 से 15 सालों से
यहाँ सेवा कार्य कर रहे है, और अब अन्य कार्यों में भी नही
जा सकते है । ऐसे में यदि इन्हें शीघ्र कार्यों पर नही लिए जाने और
अवैध खनन ,एवम ओवर लोड वाहनों के परिवहन पर रोक नही लगने,
की स्तिथि में स्थानीय विधायक के निवास का घेराव ,उग्र आंदोलन,
एवम चक्काजाम करने की बात पूर्व जनपद सदस्य योगेश्वर चन्द्राकर ने कही है।
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