“कलम सारथी सम्मान ” से सम्मानित हुए विश्वनाथ पाणीग्राही व् गोवर्धनलाल बघेल

कोरोना संक्रमण के लिए जन जागरूकता करने के उद्देश्य से साहित्योदय अंतरराष्ट्रीय कला संगम झारखंड ने आनलाइन काव्य पाठ का कार्यक्रम आयोजित किया गया.

बागबाहरा-कोरोना संक्रमण विश्व महामारी का स्वरूप ले  चुका है. हमारा भारत देश भी अछूता नहीं है तथा इस विश्व महामारी के संक्रमण की कड़ी तोड़ने हम घरों में लॉक डाउन है.ऐसे अवसर पर कोरोना संक्रमण  के लिए जन जागरूकता करने के उद्देश्य से साहित्योदय अंतरराष्ट्रीय कला संगम ,गिरिडीह झारखंड ने 5,6 अप्रैल को अपने पूर्व निर्धारित भव्य कवि सम्मेलन को स्थगित कर दिया तथा राष्ट्रहित में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष कवि पंकज भूषण प्रियम ने  जन जागरूकता हेतु आनलाइन काव्य पाठ का कार्यक्रम आयोजित किया.

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24 मार्च से 1 अप्रैल तक निरंतर 9 दिनों तक चले इस आन लाईन काव्य महासम्मेलन में ” कोरोना से जंग, साहित्योदय के संग ” विषय पर केन्द्रित देश के विभिन्न प्रदेशों से लगभग 450  कवि एवम् साहित्यकारों ने अपनी अपनी रचनाओं का पाठ किया। देश के इन ख्याति प्राप्त कवियों के साथ विश्वनाथ पाणीग्राही ने अपनी स्वरचित कविता ” स्वच्छता को अपनाओ ना ,होगा नहीं कोरोना ” तथा गोवर्धनलाल बघेल छत्तीसगढ़ी कवि टेडिनारा गांजर ने अपनी स्वरचित कविता
” प्रलयकारी बड़ भयंकारी ये दुनियां में कोहराम मचा,कोरोना महामारी दैत्य मृत्यु आखेट का खेल रचा का पाठ  किया । कोरोना जागरूकता काव्य पाठ को सराहना मिली वहीं दोनों रचनाकार को इस आनलाइन कवि सम्मेलन में ” साहित्योदय कलम सारथी सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया । अंचल के साहित्यप्रेमियों एवम् परिचितों ने इस नवाचारी अनूठे कार्यक्रम के माध्यम से कोरोना जागरूकता  की प्रशंसा करते हुए बधाई दी.

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