महासमुंद. जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज में प्लेटलेट रीच प्लाज्मा Platelet Reach Plasma से मरीज का सफल उपचार डॉ. मानस सतपथी Dr. Manas Satpathy ने किया है । जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद से चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ रहा है। जिस मर्ज के इलाज में अन्य जगहों पर निजी अस्पतालों में हजारों-लाखों रुपए लगते थे, अब यह जिला अस्पताल में नि:शुल्क हो रहा है। यहां सुविधाएं बढऩे और डॉक्टरों की उपलब्धता के कारण मरीजों को राजधानी के हास्पिटल पर निर्भरता कम होती जा रही है।
बढ़ गई थी तकलीफ
एक ऐसे ही मरीज का उपचार डॉक्टरों ने नि:शुल्क किया है। पहली बार जिला अस्पताल में प्लेटलेट रीच प्लाज्मा (PRP) से एक मरीज का इलाज किया जा रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मानस सतपथी ने बताया कि कुछ महीने पहले एक व्यक्ति का एक्सीडेंट हो गया था। उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। राजधानी के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया। टूटी हुई हडिड्यों में राड लगी हुई थी। कुछ दिनों के बाद राड लगे जगह पर मवाद बनना शुरू हो गया था। तकलीफ बढ़ गई भी। घाव नहीं भर पा रहा था।
उक्त मरीज का इलाज डॉ.सतपथी ने प्लेटलेट रीच प्लाज्मा विधि से किया गया। जिससे उसके घाव भरना शुरू हो गए हैं। कुछ दिनों तक बाद वह पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीके निगम Dr. PK Nigam और सिविल सर्जन डॉ. संतोष सोनकर Dr. Santosh Sonkar के मार्गदर्शन में डॉ. मानस सतपथी ने पीआरपी पद्धति से मरीज का इलाज किया। उपचार में डॉ. एसके कोसाम Dr. SK Kosam व् डॉ. काजल चंद्राकर Dr. Kajal Chandrakar का योगदान रहा।
क्या है प्लेटलेट रीज प्लाज्मा
प्लेटलेट रीच प्लाज्मा Platelet Reach Plasma बनाने के लिए चिकित्सक रोगी से रक्त का नमूना लेते हैं। मशीन से प्लेटलेट रीज प्लाज्मा बनाया जाता है। मशीन अन्य घटकों को प्लेटलेट्स से अलग करता है और उन्हें प्लाज्मा के भीतर केंद्रित करता है। फिर तैयार प्लेटलेट रीच प्लाज्मा को घाव पर लगाया जाता है। जिससे घाव तेजी से भरने लगता है। पीआरपी उपचार आघात और जोड़ों की चोट में घाव भरने में सहायता कर सकता है। चोटों से लेकर बालों के झडऩे तक विभिन्न स्थितियों के लिए प्लेटलेट रीच प्लाज्मा का विधि अपनाई जाती है।
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