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पेंशन प्रकरण में नियमों की अनदेखी,कर्मचारी संघ ने की जांच व कार्यवाही की मांग

पशु चिकित्सा विभाग का मामला,तीन माह बाद भी नहीं मिला पेंशन

महासमुंद- जिले में कुछ विभाग द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के निराकरण में विलम्ब से कर्मचारी और उनके परिवार को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है साथ ही शासन द्वारा समय – समय पर जारी किये जाने वाले निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, कर्मचारी संगठनों द्वारा सम्बंधित विभागीय अधिकारियों का ध्यानाकर्षण कराये जाने पर कोई प्रतिक्रया नहीं दी जाती

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ओम नारायण शर्मा ने बताया है कि राज्य की सरकार की मंशा है कि शासकीय सेवक को सेवानिवृत्ति तिथि पर पेंशन भुगतान आदेश जारी किये जावें इस सम्बन्ध में समय- समय पर विभागों को निर्देश भी प्रसारित किये जाते रहते हैं परन्तु कुछ विभाग प्रमुखों की हठधर्मिता के चलते कई सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी पेंशन के लिए लम्बे समय तक भटकते रहते हैं ।

पशु चिकित्सा विभाग महासमुंद में पदस्थ सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी 30 अप्रैल 2021 को सेवानिवृत्त हुए हैं परन्तु लगभग तीन माह उपरांत आज तक पेंशन प्रकरण का निराकरण नहीं किया गया है संघ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभाग प्रमुख से मिलकर समस्या बताने का प्रयास किया गया परन्तु उनसे मुलाक़ात नहीं हो सकी । लिखित में कार्यालय के माध्यम से समस्या से अवगत कराया गया है लेकिन अब तक किसी प्रकार निराकरण की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है ।

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उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम, 1976 के नियम 57-58 के अनुसार जारी वित्त निर्देश 17/ 2020 के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि शासकीय सेवक को सेवानिवृत्ति तिथि पर पेंशन भुगतान आदेश जारी किये जावें, इसके लिए विभाग प्रमुख को शासकीय कर्मचारियों के प्रकरणों में सेवानिवृत्त की तिथि से 24 माह पूर्व उनके पेंशन प्रकरणों पर तैयारी प्रारंभ करने तथा सेवानिवृत्ति तिथि के 12 माह पूर्व पेंशन प्रकरण को संबंधित संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन को भेजने का निर्देश है ।

इसके साथ ही विभाग प्रमुख द्वारा जिलाध्यक्ष को पेंशन प्रकरणों के निराकरण की जानकारी दी जानी है साथ ही प्रत्येक तीन माह में मुख्य सचिव द्वारा इसकी समीक्षा की जानी है यदि किसी अधिकारी के कारण कोई पेंशन प्रकरण लंबित रहता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरू़द्ध कड़ी कार्यवाही का निर्देश राज्य सरकार द्वारा दिया गया है ।

वित्त निर्देश 33/2007 के अनुसार यदि यह पाया जाता है कि कार्यालय प्रमुख के

यथासमय कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण पी.पी.ओ. एवं जी.पी.ओ.

जारी करने में विलंब होता है तो संबंधित कार्यालय प्रमुख के

विरूद्व अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी ।

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के संरक्षक

प्रमोद तिवारी, जिलाध्यक्ष ओम नारायण शर्मा, सचिव सुरेश कुमार पटेल

ने शासन के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित समयावधि में प्रकरण निराकरण नहीं

होने की जांच कराकर सम्बंधित जिम्मेदार पर कार्यवाही की मांग की है ।

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