Home छत्तीसगढ़ दीपावली के दिन किया गया यह उपाय घर में लाएगी सम्पन्नता

दीपावली के दिन किया गया यह उपाय घर में लाएगी सम्पन्नता

दीपावली का आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से विशेष महत्व है

महासमुंद- हिंदू धर्म में सभी त्यौहार का ज्योतिष महत्व होता है। माना जाता है कि विभिन्न पर्व और त्यौहारों पर ग्रहों की दिशा और विशेष योग मानव समुदाय के लिए शुभ फलदायी होते हैं। हिंदू समाज में दीपावली का समय किसी भी कार्य के शुभारंभ और किसी वस्तु की खरीदी के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस विचार के पीछे ज्योतिष महत्व है।

दरअसल दीपावली के आसपास सूर्य और चंद्रमा तुला राशि में स्वाति नक्षत्र में स्थित होते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति शुभ और उत्तम फल देने वाली होती है। तुला एक संतुलित भाव रखने वाली राशि है। यह राशि न्याय और अपक्षपात का प्रतिनिधित्व करती है। तुला राशि के स्वामी शुक्र जो कि स्वयं सौहार्द, भाईचारे, आपसी सद्भाव और सम्मान के कारक हैं। इन गुणों की वजह से सूर्य और चंद्रमा दोनों का तुला राशि में स्थित होना एक सुखद व शुभ संयोग होता है।

दीपावली का आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से विशेष महत्व है। हिंदू दर्शन शास्त्र में दिवाली को आध्यात्मिक अंधकार पर आंतरिक प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई का उत्सव कहा गया है.

दीपावली के दिन किया गया यह उपाय घर में लाएगी सम्पन्नता

दीपावली की रात गोमती चक्र ओर कौड़ी दिलाएगा समृद्धि

सिद्ध गोमती चक्र वास्तु दोष को नष्ट करता है। 11 गोमती चक्र दक्षिण पूर्व दिशा में इमारत की नींव में दबा देने से वास्तु दोष के बुरे प्रभाव दूर हो जाते हैं और घर के रहने वालाें को दीर्घायु और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। सात सिद्ध गोमती चक्र व 11 कौड़ी लाल कपड़े में लपेटकर लॉकर या कैश बॉक्स में रखने से कभी धन की कमी नहीं होती।

कैसे सिद्ध करें गोमती चक्र ओर कौड़ी

होली, दीपावली, दशहरा जैसे अवसर पर अथवा किसी रवि पुष्य योग, सर्व सिद्धि, अमृत योग जैसे मुहूर्त में गोमती चक्र अभिमंत्रित सिद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है। 11 गोमती चक्र अथवा 21 गोमती चक्र तथा 11 कौड़ी लेकर अपने पूजा स्थल पर स्थापित करें। विधिवत पूजा करें तथा गोमती चक्र अभिमंत्रित मंत्र ओम् श्रीं नमः की 21 माला का जाप करें।

इस जाप के बाद गोमती चक्र अभिमंत्रित सिद्ध हो जाता है तथा पारिवार को आर्थिक सम्पन्नता प्रदान करता है। पूजा के बाद इसे धन रखने वाले स्थान पर रख दें तथा नित्य धूप-दीप दिखाएँ।

पं अमित हिशीकर
ज्योतिषाचार्य
महासमुंद