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अविरल सितली–निर्मल सितली’ अभियान का भव्य शुभारंभ, शहर की जीवनरेखा के पुनर्जीवन का संकल्प

समिति के सदस्यों ने कहा कि वर्षों की उपेक्षा के बाद अब समय आ गया है कि शासन-प्रशासन और आम जनता मिलकर इस जीवनदायिनी को पुनर्जीवित करें।

अविरल सितली–निर्मल सितली’ अभियान का भव्य शुभारंभ
महासमुंद। शहर की पहचान और जीवनदायिनी मानी जाने वाली सितली नाला को उसके पुराने वैभव में लौटाने तथा उसे प्रदूषणमुक्त बनाने के उद्देश्य से ‘अविरल सितली–निर्मल सितली’ अभियान का विधिवत और भव्य शुभारंभ किया गया।

स्वाध्याय केन्द्र समिति, महासमुंद के तत्वावधान में आयोजित इस अभियान की शुरुआत आज सितली नाला तट पर पूजा-अर्चना एवं भूमिपूजन के साथ हुई। नगर पुरोहित पंकज तिवारी के सान्निध्य में मंत्रोच्चार एवं वैदिक परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने जल स्रोतों और प्रकृति संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि नदियां और जलधाराएं हमारी सभ्यता की आधारशिला हैं, जिनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ. चोपड़ा ने कहा कि सितली नाला का संरक्षण केवल किसी संस्था या शासन का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे शहर की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण छोड़ने का आह्वान करते हुए बताया कि नाले के गहरीकरण के साथ-साथ सौंदर्यीकरण एवं जल संचयन क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अविरल सितली–निर्मल सितली’ अभियान का भव्य शुभारंभ

भाजपा जिलाध्यक्ष येतराम साहू ने पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर बल देते हुए इस अभियान से होने वाले दीर्घकालिक लाभों की जानकारी दी।

नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने अभियान को सहयोग देते हुए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसी क्रम में पार्षद माखन पटेल, शुभ्रा मनीष शर्मा, पीयूष अमृत साहू एवं योगेश्वरी सोनाधर सोनवानी ने भी अपनी-अपनी पार्षद निधि से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा करते हुए सितली नाला के कायाकल्प को शहर के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया।

स्वाध्याय केन्द्र समिति द्वारा संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सितली नाला का समग्र पुनर्विकास करना है।

इसके तहत नाले में वर्षों से जमा गंदगी, प्लास्टिक एवं ठोस कचरे की व्यापक सफाई की जाएगी।

जल प्रवाह में बाधा डालने वाले अवरोधों को

हटाकर प्राकृतिक बहाव को सुचारू किया जाएगा। साथ ही नाले के दोनों किनारों पर

वृक्षारोपण, सुरक्षा उपाय, वॉकिंग ट्रैक, फुट ओवर ब्रिज, गार्डन एवं प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी,

जिससे यह क्षेत्र स्वास्थ्य, पर्यावरण और पर्यटन की दृष्टि से उपयोगी बन सके।

समिति के सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित इस जलधारा को

पुनर्जीवित करने का यह उचित समय है, जिसमें शासन, प्रशासन और

आम नागरिकों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर शहर के

गणमान्य नागरिक, पर्यावरण प्रेमी, स्वाध्याय केन्द्र समिति के पदाधिकारी,

सदस्य एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं

आभार प्रदर्शन मोहन साहू द्वारा किया गया।