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ऑडिटोरियम के लिए भूमि स्वामी ने निर्माण की दी लिखित में सहमति परिषद ने की पूरी प्रक्रिया:- नपाध्यक्ष

शहर का विकास थमा इसका सबसे बड़ा कारण भाजपा का पालिका अध्यक्ष होना है

महासमुंद। स्व. भागवत कोसरिया ऑडिटोरियम निर्माण के लिए पीआईसी और परिषद द्वारा वर्ष 2020-21 में अधोसंरचना मद से डेढ़ करोड़ और इसके अलावा शासकीय भूमि नहीं होने की स्थिति में निजी भूमि की सहमति सहित तमाम प्रक्रिया पूरी कर शासन को भेजा गया था। लेकिन विधायक के दबाव के बाद शासन द्वारा एक साल बाद उसी ऑडिटोरियम की लागत डेढ़ करोड़ से घटाकर एक करोड़ कर दिया गया और उसमें से 50 लाख रुपये विधायक विनोद चंद्राकर द्वारा अनुशंसित कार्यों के लिए दे दिया गया। उक्त बाते नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने पत्रकारवार्ता के दौरान कहा ।

इमानदारी से किया काम काम

पालिका अध्यक्ष ने आगे कहा कि समाज प्रमुखों की मांग पर ही सारी प्रक्रिया अपनाई गई है। इस परिषद को सभी समाज की चिंता है और पूरी इमानदारी से काम कर रहे हैं। जिससे विपक्ष को हजम नहीं हो रही है। अगर बयान बाजी के अलावा लोक हित में कुछ काम करना चाहते हैं, तो अपने विधायक से पूछे कि उनकी सरकार ऑडिटोरियम की डेढ़ करोड़ से एक करोड़ करने के बाद शेष 50 लाख रुपये कहां है।

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ऑडिटोरियम के लिए भूमि स्वामी ने निर्माण की दी लिखित में सहमति परिषद ने की पूरी प्रक्रिया:- नपाध्यक्ष

नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने पत्रकारवार्ता में कहा कि वर्ष 2020-21 और 2021-22 के दौरान शासन से अधोसंरचना मद का एक रुपये भी नहीं मिला है । स्थानीय विधायक ने अपने किए घोषणा के उपयोगिता के लिए ही 50 लाख का डाका डाला है।

शहर का विकास थमा

एक सवाल के जवाब में अध्यक्ष ने कहा कि शहर का विकास थम गया है इसका सबसे बड़ा कारण भाजपा का पालिका अध्यक्ष होना है शासन से विकास कार्यो के लिए राशि नही मिल पा रही है। वही दूसरी ओर पालिका में कर्मचारियों का अभाव बना हुआ है पालिका से 15 विभागीय कर्मचारियों का ट्रांसफर हुआ है आए मात्र 3 लोग है कामकाज प्रभावित होना निश्चित है फिर भी जैसा तैसा कर काम चलाया जा रहा है।

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पत्रकारवार्ता में उपस्थित पार्षदों ने आरोप लगाया है कि वार्ड भ्रमण के दौरान विधायक द्वारा की गई घोषणा की राशि का अभी तक अता पता नही है वार्डवासी इस बारे में कई सवाल करते है । वही दो वर्ष से ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था के लिए शासन से 20 लाख रुपए मिलता था वह भी नही मिला है इसी तरह से जगत बिहार कौशिक कालोनी के लिए घोषणा की गई 54 लाख रुपए में से मात्र 10 लाख रुपए ही मिले है।

सफाई का काम हुआ पूर्ण

पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने शहर में हुई पेयजल किल्लत के बारे में बताया कि इंटकवेल, फ़िल्टर प्लाँट के अलावा शहर के सभी पानी टंकियो की सफाई हो चुकी है ऐसा ज्ञात हुआ है कि महानदी का पानी राजिम से दूषित होकर आ रहा है आरंग पालिका क्षेत्र में इस मामले पर पालिका पूरी सजगता से कार्य कर रही है जैसा भी होगा इस बारे में लोगों को अवगत कराया जाएगा । प्रेसवार्ता के दौरान संदीप घोष, देवीचंद राठी,अरविन्द प्रहरे,बड़े मुन्ना देवार,संतोष वर्मा व् बाबू जयदेव मौजूद थे।

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