भारत के पहले अंतरिक्ष उड़ान प्रशिक्षण सिम्युलेटर केंद्र और अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र बेंगलुरु में स्‍थापित किए जाएंगे

भारत के पहले अंतरिक्ष उड़ान प्रशिक्षण सिम्युलेटर केंद्र और अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र बेंगलुरु में स्‍थापित होंगे और भारत 2022 तक बाहरी अंतरिक्ष में मानवयुक्त गगनयान मिशन सम्‍पन्‍न करने में सक्षम हो जायेगा.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो के अध्यक्ष डॉ के सिवन ने आज बेंगलुरु में आयोजित मानव अंतरिक्ष यान और अन्वेषण पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन अवसर पर यह बात कही.

भारत के पहले मानवयुक्त मिशन गगनयान के बारे में उन्होंने कहा कि मिशन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी इसरो द्वारा विकसित की गई है और अब जमीनी स्‍तर, जीवन रक्षक प्रणाली और बाहरी अंतरिक्ष के लिए प्रासंगिक जीवन विज्ञान पर काम किया जा रहा है. इसरो  इन सभी महत्वपूर्ण तकनीकों का परीक्षण करने के लिए अगले साल दिसंबर और जून में दो मानवरहित अभियानों का संचालन करेगा। इसरो द्वारा तैयार क्रू कैप्सूल, तीन अंतरिक्ष यात्रियों को सात दिनों के लिए बाहरी स्थान पर ले जाने और उन्हें वापस लाने में सक्षम है.

इस अवसर पर भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजया राघवन ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की सामाजिक प्रासंगिकता है और भारतीय अंतरिक्ष यान में जाने वाले भारतीय यात्री आने वाले वर्षों में युवा पीढ़ी को प्रेरित करेंगे। संगोष्ठी में आठ देशों की अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख और आठ अंतरिक्ष यात्री भाग ले रहे हैं.

हमसे जुड़े;-

Twitter:https:DNS11502659

Facebook https:dailynewsservices/

 WatsApp https:FLvSyB0oXmBFwtfzuJl5gU