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महासमुंद पुलिस ने साइबर ठगी का किया खुलासा, झारखंड से तीन आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ही प्राप्त करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें और किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, सीवीवी या पिन साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या cybercrime पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

पुलिस ने साइबर ठगी का किया खुलासा, झारखंड से तीन आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। थाना तुमगांव क्षेत्र में हुई 2 लाख 49 हजार 988 रुपये की साइबर ठगी के मामले का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए झारखंड के जामताड़ा-देवघर से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 एंड्रॉइड मोबाइल, एक लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण तथा 2 सिम कार्ड सहित कुल 2 लाख 88 हजार रुपये की सामग्री जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, बिजरापाली निवासी दिनेश कुमार ठाकुर ने 4 जनवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके एसबीआई खाते से 2,49,988 रुपये ऑनलाइन ठगी के जरिए निकाल लिए गए। उन्होंने बताया कि BOODMO कंपनी से कार का व्हील रिम ऑर्डर करने के बाद ऑर्डर की जानकारी नहीं मिलने पर गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजकर संपर्क किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए Helpdesk Host ऐप डाउनलोड करवाया और स्क्रीन मिररिंग के माध्यम से उनके बैंक खाते तक पहुंच बनाकर रकम निकाल ली।

पुलिस ने साइबर ठगी का किया खुलासा, झारखंड से तीन आरोपी गिरफ्तार

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपियों का संबंध झारखंड के जामताड़ा और देवघर से जुड़ा पाया गया। इसके बाद पुलिस टीम देवघर पहुंची और एक सप्ताह की सतत तकनीकी निगरानी एवं सूझबूझ से तीनों आरोपियों—मुफितयाज अंसारी, इरफान अंसारी और मोहम्मद मुख्तार अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सेकंड हैंड मोबाइल फोन, एयरटेल वाई-फाई कनेक्शन और विभिन्न एप्स की मदद से ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। जांच में सामने आया कि इन आरोपियों के खिलाफ देश के 14 राज्यों में 36 प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें लगभग 12 लाख 26 हजार 948 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस और 66(D) आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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