महासमुंद-घोडारी स्थित BSCPL कम्पनी द्वारा सड़क निर्माण के दौरान गिट्टी निकालने के लिए खोदे गए खदान जिसकी लंबाई 700 मीटर लंबा और 100 मीटर चौड़ा लगभग सौ फीट गहरा है.यह खदान नदी के पास है जिसमे बारहों महीने लबालब पानी भरा होता है और इस क्षेत्र के गांव घोडारी,बरबसपुर, बड़गांव,बिरकोनी,अछरीडीह,नवापारा ये सभी गांव कोडार नहर से सिचाईं के लिए अंतिम छोर पड़ता है
जिसमें हमेशा ही सिचाईं के लिए  पर्याप्त पानी नही मिलने की शिकायत आती रही है इस विषय को गम्भीरता से लेते हुए भाजपा जिला किसान मोर्चा उपाध्यक्ष एवम जनपद सदस्य योगेश्वर चन्द्राकर द्वारा क्षेत्र के गांवो में क्रमिक बैठक का आयोजन किया जा रहा है.ग्रामीणों का कहना है कि लिफ्ट लगाकर सिचाईं के लिए नहर बनाने और मुख्य नहर से जोड़कर अंतिम छोर के गांवो तक पानी पहुंचाया जा सकता इससे न केवल इन गांवों में खरीफ फसल बल्कि रवि फसल के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध हो पायेगा यदि खदान में लिफ्ट एरिकेशन की स्थापना कर नहर बनाकर मुख्य नहर से जोड़ दिया जाए तो इन गांवो के लगभग 3000 एकड़ खेती की सिंचाई होगी वैसे भी राज्य एवम केंद्र की सरकार जल संरक्षण को लेकर चिंतित है और छोटे छोटे तालाबों डबरियो की खुदाई कर जल संरक्षण के प्रयास में लगी है
इस खदान का पानी उपयोग किये जाने से 6 गांव के हजारो किसानो को राहत मिलेगी और इससे लेकर लाभान्वित होने वाले गांवो मे बैठक लेकर आने वाले से किसानों से सुझाव एवम इस दिशा में सरकार का ध्यान आकर्षित करने 24अक्टूबर को 6 गांवो के ग्रामीण कलेक्टर से मिलकर मुख्यमंत्री,केंद्रीय कृषि मंत्री व पर्यावरण मंत्री के नाम उक्त योजना को किसान हित एवम जलसंरक्षण को लेकर स्वीकृति देने के लिए ज्ञापन सौपेंगे
इस संदर्भ में कल की मीटिंग अछरीडीह,नवापारा,एवम घोडारी में लेने का निर्णय लिया गया है इस दौरान प्रमुखरूप से बरबसपुर सरपंच बलिराम,मोहन रात्रे,उत्तम चन्द्राकर,जगमोहन यादव,संजय सोनवानी,गंगूराम चन्द्राकर,फिरतु साहू,पुनित निसाद,कलीराम निर्मलकर,हिरामन सोनवाणी,भूषण,दिलीप,फिरतु,गोविंद,कलीराम,द्वारिका निषाद,सुक्ला चरण,संतोष बोहरान, रघुवर, रामकुमार,देवानंद,भेखराम,एवम बड़गांव के सभी ग्रामीण उपस्थित थे और सभी ने अपनी सहमति दी!

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