होम-क्वारंटीन का पालन न करना मतलब आईपीसी का उल्लंघन-

महासमुन्द :जहां एक ओर कोरोना वायरस दुनिया भर में हजारों की संख्या में लोगों को असामयिक मृत्यु का शिकार बना चुका है। वहीं, दूसरी ओर इसका इलाज ढूंढ रहे वैज्ञानिकों सहित पीड़ितों के उपचार में जुटे चिकित्सकों के लिए यह अब भी कौतुहल का विषय बना हुआ है। जहां, कोरोना विरुद्ध लड़ाई में शासन-प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का अमला दिन-रात लगा हुआ है वहीं, आमजन से लगातार अपील की जा रही है कि संक्रमण रोकने के लिए विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही हिदायतों का कड़ाई से पालन किया जाए.

जिले के अधिकांश स्थानीय निवासियों का इस ओर सहयोग सराहनीय रहा है किन्तु फिर भी प्रदेश के कुछेक कोनों में होम-क्वारंटीन को गंभीरता से नहीं लिए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके परदल से मिली जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छग शासन द्वारा स्थानीय निवासियों की ओर विनम्र अपील के साथ चेतावनी संदेश भी प्रेषित किया गया है। ऐसे में विभाग की मंशा को स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक  संदीप ताम्रकार ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशानुसार प्रदेश ही नहीं अपितु जिले में भी यदि कोई भी व्यक्ति होम कोरंटीन के नियमों उल्लंघन करता है तो इससे संक्रमण फैलने का खतरा तो बढ़ता ही है साथ ही इन नियमों का पालन न करने पर उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 269, 270, 188 और एपिडेमिक एक्ट 1897 के सेक्शन 3 की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। कोरोना वायरस संक्रमण दल के नोडल अधिकारी डॉ अनिरुद्ध कसार ने अपील की है कि आमजन होम क्वारंटीन के नियमों का पालन करें और घर पर ही रहें ऐसा करने से ही हमस ब मिल कर कोविड 19 की बीमारी से लड़ सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए विभाग के टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल कर सकते हैं। साथ ही जिले में कोरोना वायरस कंट्रोल रूम भी बनाया गया है जिसमें चैबीसों घंटे निशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संपर्क करने के लिए जिला स्तरीय दूरभाष नंबर 6267770531 भी जारी किया गया है। उक्त संदर्भ में शंका होने की स्थिति में यहां निशुल्क जानकारी और मदद उपलब्घ कराई जा रही है.

विदित हो कि सरकार की ओर से सभी तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए लगातार प्रयारस जारी हैं। जिसमें बैनर-पोस्टर सहित सोशल मीडिया के माध्यम से भी यह प्रचार-प्रसार किया जा रहा है कि स्वयं सहित परिवार एवं जनहित में क्वरंटीन एवं होम आइसोलेसन के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। क्यों कि यह विषय सामाजिक आपातकाल से जुडा है और किसी एक व्यक्ति विशेष मात्र के लिए नहीं बल्कि हर उस गणमान्य नागरिक के लिए अनुकरणीय है जो कोरोना वायरस संक्रमण में संदिग्ध या पीड़ित के रूप में प्रभावित है.