कलेक्टर ने वर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया

बलौदाबाजार:पलारी तहसील के ग्राम दतान (प) निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भुरवा सिंह वर्मा का 93 वर्ष की अवस्था में आज रायपुर के देवेंद्रनगर स्थित निजी निवास में निधन हो गया। देवेंद्रनगर मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार श्री हरिशंकर पैकरा और नगर निरीक्षक  एन. के.स्वर्णकार ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल ने स्वतंत्रता सेनानी श्री वर्मा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी सहानुभूति प्रकट की है। उल्लेखनीय है कि सेनानी श्री भुरवा सिंह वर्मा यहाँ पदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी  आर.के.वर्मा के पिता हैं.

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वर्मा ने बाल्यवस्था में ही देश की आजादी का बिगुल फुककर महात्मा गांधी के आजादी आंदोलन में कूद पड़े। वे वर्ष 1942 में करो या मरो आंदोलन में हिस्सा लेते हुए 16 साल के उम्र में जेल गए जो केंद्रीय जेल रायपुर में 6 माह तक  जेल में रहने के बाद जब बाहर आये तो उनका अंग्रेजों भारत छोड़ो और देश भक्ति का जुनून सिर चढ़कर बोलने लगा । महात्मा गांधी से प्रभावित होकर वे देश की आजादी के लिए समर्पित रहे तथा अंग्रेज़ी सरकार से हमेशा लोहा लेते रहे,जो आजादी के बाद में अपने छोटे से गांव दतान प को नहीं छोड़े। वयोवृद्ध होने के कारण अपने पुत्र के साथ रहने साल भर पहले ही वे रायपुर  चले गए थे जिनक शनिवार को निधन हो गया.

जीवन परिचय-

स्वतंत्रता सेनानी भुरूवा सिंह  वर्मा का जन्म 1 जुलाई 1925 को ग्राम दतान के कृषक  भुनेश्वर वर्मा के घर हुआ था। उनकी पढ़ाई लिखाई बलौदा बाजार में इन्टरमीडिएट तक रही। आजादी के बाद शासकीय सेवक के रूप में पहले शिक्षक फिर ग्राम सेवक के पद पर कार्यरत थे । उनकी पत्नी सावित्री देवी महिला एवं बाल विकास अधिकारी के पद से सेवानृवित हुई एवम उसकी माता नागेश्वरी वर्मा एवम छोटा भाई फूलचंद वर्मा थे।जिनका पहले ही निधन हो चुका है ।पुत्र राजेन्द्र वर्मा जिला शिक्षा अधिकारी बलौदा बाजार के पद पर पदस्थ हैं। सेनानी के निधन की खबर मिलते ही अंचल में शोक की लहर दौड़ गई.

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