महासमुंद:9 जिलों के किसानों से ब्लैक राइस की खेती करवाई गई। इसके बाद राशि का भुगतान नहीं किया गया है। राशि नहीं मिलने से किसानों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। कलक्टर से किसानों की मुलाकात नहीं हो पाई।
किसान जनपद पंचायत एकत्रित हुए। इसके बाद रैली निकालते हुए बरोंडा चौक, बीजेपी कार्यालय होते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे। एसपी से मुलाकात कर फिर कलक्टोरेट भवन पहुंचे.

किसानों ने बताया लभरा में डॉ. आरके सेन के आवास में जून 2018 में एक किसानों की मीटिंग हुई। इसी मीटिंग में अभिषेक बाफना आए थे। मीटिंग में किसानों को ब्लेक राइस अपने खेत में लगाने के लिए कहा और 2600 रुपए प्रति क्विंटल देने की बात कही। यह ब्लेक राइस औषधि के काम आता है इस वजह से इसकी बाजार में मांग है। उस समय में 1500 प्रति क्विंटल शासन की ओर से दिया जाता था। इस वजह से किसान बाफना की बातों में आकर ब्लेक राइस की फसल ली। अभिषेक बाफना की कंपनी माजिसा एग्रो प्रोडक्टर प्रावेट लिमिटेड से ही किसानों ने बीज खरीदते थे। बीज का पैसा भी वापस देने का आश्वासन दिया था। धान की फसल अच्छी हो गई.

किसानों को आस थी कि उन्हें 2600 की दर से राशि मिलेगी, लेकिन अधिकतर किसानों को भुगतान की राशि नहीं मिली और जिनकों मिली वह भी आधी। धान को सिरगिड़ी राइस मिल में रखवाया गया था। किसानों को पाश्र्वनाथ फूड प्रोसेसर के नाम का चेक वितरण किया गया जो चेक बाउंस हुआ। 6 अप्रेल से 20 अप्रेल तक ब्याज सहित राशि भुगतान करने का किसानों को लिखित आश्वासन भी दिया था। लेकिन भुगतान नहीं किया गया। जनपद सदस्य योगेश्वर चंद्राकर ने बताया कि 12 हजार क्विंटल कुल धान का उत्पादन किया गया था। यह कुल 3 हजार एकड़ पर लगाया गया था। 9 जिले के किसानों ने फसल लिया था। कुल 3 करोड़ 12 लाख रुपए का धान था। अभी भी किसानों का लगभग 70 से 80 लाख रुपए बकाया है। पूर्व में भी किसानों ने ब्लेक राइस के मामले में कलक्टर को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ है। किसानों ने अभिषेक बाफना और आरके सेन पर कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बलौदाबाजार, रायपुर जिला, बेमेतरा, नयापारा, दुर्ग जिले के किसानों ने रैली निकाली।

चार लाख का चेक हुआ बाउंस-

झलप के किसान संतोष कुमार सेन ने बताया कि 7 लाख रुपए की राशि उन्हें मिली थी। चार लाख रुपए का चेक बाउंस हुआ है। उन्होंने बताया कि 120 एकड़ में उन्होंने ब्लेक राइस की फसल ली थी। 14 लाख रुपए का धान हुआ था। उस समय शासन की ओर से प्रति क्विंटल 1500 रुपए ही मिलता था, इस वजह से हमने ब्लेक राइस खेत में लगवाया। ब्लेक राइस का 2600 प्रति क्विंटल देने की बात कही थी। मुझे केवल 50 प्रतिशत राशि ही मिल पाई है। वहीं बालोद जिला के किसान शेखर चंद्र ने बताया कि उनका अभी भी 10 हजार रुपए का बकाया है। अभिषेक बाफना ने किसानों से कहा था कि फसल लें। लेकिन बाद में राशि नहीं दी। बेमेतरा के किसान कमल किशोर ने बताया कि चार लाख रुपए का धान हुआ था। 1 लाख 10 हजार का भुगतान हुआ। बाकी राशि बकाया है। चेक दिया था बाउंस हो गया.

फैक्ट फाइल
ब्लेक राइस मामलाकुल धान 3 करोड 12 लाख ,बकाया राशि: 70 से 80 लाख,9 जिले के किसानों ने ली फसल
3 हजार एकड़ में हुई फसल,2600 रुपए प्रति क्विंटल धान की कीमत

वर्सन
किसानों के साथ जो भी एग्रीमेंट हुआ है, उसका दस्तावेज लेकर आएं। मेरा चेक गुम हो गए हैं। इसकी शिकायत बैंक में मैने की है। चेक बाउंस हुआ है तो किसानो को कोर्ट जाना चाहिए. – अभिषेक बाफना, संचालक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here