रायपुर-   स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के सभी शासकीय अस्पतालों की व्यवस्था में कसावट की तैयारी कर रही है। इसे मूर्त रूप देने और शासकीय अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को इलाज मुहैया कराने ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) सेवा, पैथॉलॉजी, बायोकेमिस्ट्री एवं रेडियोलॉजी परीक्षण के समय में बदलाव किया जा रहा है। अस्पतालों के संसाधन, क्षमता और स्टॉफ का पूर्ण उपयोग करने आईपीडी (अंतःरोगी विभाग) तथा आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था भी बदली जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने इन बदलावों को मंजूरी दे दी है। शीघ्र ही सभी अस्पतालों में नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

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प्रदेश के सभी जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में नई समय सारिणी और व्यवस्था के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ओपीडी सेवा दो पालियों में संचालित की जाएगी। इन अस्पतालों में सवेरे नौ बजे से दोपहर एक बजे तक और ग्रीष्मकाल यानि मार्च से नवम्बर तक शाम पांच बजे से सात बजे तक ओपीडी खुली रहेगी। सुबह पाली में इलाज के लिए पंजीयन दोपहर साढ़े 12 बजे तक और शाम पाली में शाम साढ़े छह बजे तक किया जाएगा। ठंड के दिनों यानि नवम्बर से फरवरी तक द्वितीय पाली की ओपीडी शाम चार बजे से छह बजे तक संचालित होगी। इसके लिए पंजीयन शाम साढ़े पांच बजे तक किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने दोनों पालियों में सभी पंजीकृत मरीजों की जांच एवं उपचार के निर्देश दिए हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में लोगों को ओपीडी सेवा सवेरे दस बजे से शाम पांच बजे तक मिलेगी। ऐसे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और उप स्वास्थ्य केन्द्र जहां दो ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (RHO) और एएनएम पदस्थ हैं वहां एक के भ्रमण पर होने के समय दूसरे द्वारा ओपीडी सेवा संचालित की जाएगी। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रातः दस बजे से दोपहर दो बजे तक और शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक ओपीडी सेवाएं खुली रहेंगी।

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रविवार एवं अन्य अवकाश के दिनों में जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन ओपीडी चौबीसों घंटे खुली रहेंगी। अवकाश के दिन ओपीडी आपातकालीन कक्ष में संचालित की जाएगी। लगातार दो दिन अवकाश की स्थिति में दूसरे अवकाश दिवस में सवेरे दस बजे से दोपहर 12 बजे तक नियमित ओपीडी संचालित की जाएगी। इन अस्पतालों में लगातार दो दिनों तक नियमित ओपीडी सेवा बंद नहीं रहेंगी। सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवा की नई समय सारिणी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी।

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जिला चिकित्सालयों में सातों दिन चौबीसों घंटे पैथॉलॉजी सेवा, उसी दिन मिलेगी रिपोर्ट

सभी जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पैथॉलॉजी, बायोकेमिस्ट्री एवं रेडियोलॉजी विभाग सवेरे साढ़े आठ बजे से दोपहर एक बजे तक तथा शाम साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे तक खुली रहेंगी। ठंड के दिनों में नवम्बर से फरवरी तक दूसरी पाली में ये शाम चार बजे से छह बजे तक संचालित होंगी। जिला चिकित्सालयों में पैथॉलॉजी सेवा सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे मिलेगी। नियमित पैथॉलॉजी स्टॉफ के साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों व ब्लड बैंकों में पदस्थ लैब तकनीशियनों की सेवा इसके लिए ली जाएगी।

सैम्पल कलेक्शन के लिए सभी अस्पतालों में ओपीडी कक्ष से लगा हुआ अलग कक्ष स्थापित किया जाएगा। जांच के लिए सैम्पल कलेक्शन नियमित ओपीडी की पूर्ण अवधि में एवं आपातकालीन ओपीडी में आवश्यकतानुसार लिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। सभी संस्था प्रमुख प्रातः 11 बजे लिए गए सैम्पल की रिपोर्ट उसी दिन दोपहर एक बजे तक एवं 11 बजे से दोपहर एक बजे तक लिए गए सैम्पल की रिपोर्ट उसी दिन शाम की ओपीडी समय (शाम पांच बजे से सात बजे) तक देने की व्यवस्था करेंगे। शाम की ओपीडी के दौरान संकलित सैम्पल की जांच रिपोर्ट अगले दिन सवेरे नौ बजे से 11 बजे के बीच दी जाएगी।

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आपातकालीन सेवा, मैटरनिटी एवं एस.एन.सी.यू. में सुनिश्चित की जाएगी डॉक्टरों की मौजूदगी

अस्पताल में भर्ती मरीजों के बेहतर इलाज व देखभाल तथा आपातकालीन सेवा, मैटरनिटी एवं एस.एन.सी.यू. विभागों में विशेषज्ञों और डॉक्टरों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। डॉक्टर सभी कार्यदिवसों में ओपीडी सेवा के पहले और बाद में अपने निर्धारित वार्डों में नियमित राउंड करेंगे। वार्ड एवं बेड प्रभारी डॉक्टरों को राउंड का समय इस तरह निर्धारित करने कहा गया है जिससे ओपीडी सेवा प्रभावित न हो।

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